2 Line Attitude Diwali Status in Hindi || Happy Dipawali 2019

2 Line Attitude Diwali Status in Hindi || Happy Dipawali 2019

2 Line Attitude Diwali Status

मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता हैं की,
मेरा दिया हवा के खिलाफ क्यों जलता हैं।
वो कोई और दिये होते हैं जो हवाओं से बुझ जाते हैं,
हमने तो जलने का हुनर भी तूफ़ानों से सीखा हैं.।
दुआ करो के सलामत रहे मेरी हिम्मत,
ये एक चिराग कई आँधियों पे भारी हैं।
इन सूरज के तीखे उजालों में मेरा क्या काम,
मैं तो दिया हूँ, अँधेरी रातों को रोशन करूँगा।

Romantic Diwali Love Status in Hindi | दिवाली लव स्टेटस

एक बार थाम कर तो देखो मेरा हाथ,
लोग महफ़िलो में चिरागों की तरह जल जायेंगे।
हथेलियों पर जगमगाया हैं मोहब्बत का दिया,
जिसमें शामिल हैं मेरे ख़्वाब और तेरे अहसास।
इश्क के सफर में रोशनी की कमी ना होने दी,
हुआ जब भी अंधेरा तेरी यादों का दीया जला दिया मैने।
मुझे सहल हो गईं मंज़िलें वो, हवा के रुख भी बदल गए,
तेरा हाथ हाथ में आ गया, कि दिये राह में जल गए।
अपने हाथो से दिवाली के दिये हम जलाएंगे,
साथो जनम एक दूजे का साथ निभाएंगे..।।
मैं चिराग हूँ तेरी मोहब्बत का, तू रौशनी हैं मेरी ज़िन्दगी की।
राष्ट्रहित का गला दबा कर, छेद ना करना थाली में,
मिट्टी वाले दिए जलाना, अबकी बार दीवाली में..।।
गरीबों के बच्चे भी खाना खा सके त्योहारों में,
तभी तो भगवान् खुद बिक जाते हैं बाज़ारों में।
आई हैं दीवाली देखो, संग लाई खुशिया देखो,
यहाँ वहाँ जहाँ देखो, आज दीप जगमगाते देखो।
झिलमिल रौशनी जगमग शाम…
Have a lots of masti and धूम-धाम।
दीपावली में दीपों का दीदार हो,
और खुशियों की बौछार हो। शुभ दीपावली।
रात थी काली, लाइफ थी खाली,
फिर सब कुछ बदला..जो आयी दिवाली।
दीपावली में दीपो का दीदार,
खुशियो के साथ मुबारक हज़ार।
हरदम खुशियाँ हो साथ, कभी दामन ना हो खाली,
हम सभी की तरफ से, आपको.. शुभ दीपावली।
इस दिवाली पर ये प्रण ले की ज्ञान का प्रकाश फेलायेंगे,
सबको करेंगे शिक्षित और अज्ञान का अँधेरा मिटायेंगे..।।
*मिठास* रिश्तों की बढ़ाये तो कोई बात बने,
*मिठाईयां* तो हर साल मीठी ही बनती हैं।
डरती हैं उजालो से रात, चाहे हो कितनी भी काली
जलाकर प्रेम का दीपक, मनाएं अपनी दिवाली..।।
तू पटाखा हैं किसी और का, तुझे फोड़ता कोई और हैं।
दिए की रौशनी से सब अँधेरा दूर हो जाए,
दुआ है की आप जो चाहो वो ख़ुशी मंजूर हो जाए।
दिवाली आ रही है रौशनी छा रही है,
छोडो सब प्रोब्लेम्स ज़िन्दगी मुस्कुरा रही है।
हर घर में हो उजाला, आये ना कभी रात काली,
हर घर में मने खुशिया, हर घर में हो दिवाली।
दिवाली पे तुम खुशिया खूब मनना,
मेरी कोई बात बुरी लगी हो तो उसे दिल से मिटाना।
त्याग दो सब ख्वाहिशें कुछ अलग करने के लिए
‘राम’ ने खोया बहुत कुछ ‘श्री राम’ बनने के लिए !
आई आई दिवाली आई,साथ मे कितनी खुशियाँ लायी,
धूम मचाओ मौज मनाओ, आप सभी को दिवाली की बधाई.
खुशियाँ हों overflow,मस्ती कभी न हों low,
दोस्ती का सरुर छाया रहे, ऐसा आये आपके लिए दिवाली का त्यौहार।
चारो और दिया जलाओ, अपने घर को खूब सजाओ,
आज की रात पटाखें जलाओ, दिवाली को अच्छी तरह मनाओ।
वो लौंडे जो सुतली बम के फ़ुस्स होने पर,
उसका अनार बनाकर जलाना जानते हैं,
उन्हें जिंदगी में कोई बाधा नहीं रोक सकती।
भगवान का दिया हुआ सब कुछ हैं,
दौलत है, शोहरत है, ईज्जत है, पर दीपावली की छुट्टी नहीं हैं।

Diwali Sad Status in Hindi | दिवाली के दर्द भरे स्टेटस

मैं दीयों की भला कैसे हिफाज़त करता,
वक़्त सूरज को भी हर रोज़ बुझा देता हैं।
जिसकी गाढ़ी कमाई से, कभी घर के दिये रौशन थे,
वो बूढ़ा, मकान के कोने में, पुराने सामान सा बैठा हैं।
मैं दिया हूँ, मेरी फितरत हैं उजाला करना,
और वो समझते हैं मजबूर हूँ जलने के लिए।
जब जरुरत हो तभी जलाओ अपने आप को,
उजालो में दीयों की अहमियत नही होती हैं दोस्त।
उनकी रोशनी से बहुत शिकायत थी हमें,
याद आते हैं वो दिये अब बुझ जाने के बाद।
जलाये जो दिये, तो अँधेरे बुरा मान बैठे,
छोटी सी जिंदगी है साहब किस-किस को मनाएँगे हम।
जलते दीयों की रोशनी में खुदको जलता पाया हैं,
तुझसे जुदा होकर, रूह को भी मैंने जुदा होता पाया हैं।
मैंने खाया हैं चिरागों से इस कदर धोखा,
मै जल रहा हूँ सालों से मगर रौशनी नहीं होती।
ज़िन्दगी में तेरी यादों को भुला दूं कैसे,
रात बाकी हैं, दीयों को बुझा दूं कैसे।
आँधियों के इरादे तो अच्छे ना थे,
ये दिया कैसे जलता हुआ रह गया। ~वसीम बरेलवी
शब-ए-इंतज़ार की कशमकश न पूछ कैसे सहर हुई,
कभी इक दिया जला दिया, कभी इक दिया बुझा दिया।
तुने जो दिया दिल के अँधेरों में जलाया था,
वो दिया आज भी सीने में जला रखा हैं।
नींद आए या ना आए, चिराग बुझा दिया करो,
यूँ रात भर किसी का जलना, हमसे देखा नहीं जाता।
तेरी यादों के दिये अब भी इस दिल में जलते हैं,
सुनो किसी को अकेला कर देने से कोई तनहा नहीं होता।
वो सरफिरी हवा थी संभालना पड़ा मुझे,
मैं आख़िरी चिराग था जलना पड़ा मुझे ~बशीर_बद्र
हवा से कह दो कि खुद को आजमा के दिखाये.
बहुत चिराग बुझाती है, एक जला के दिखाये।
चिराग दिल का जलाओ बहुत अँधेरा हैं,
कहीं से लौट के आओ बहुत अँधेरा हैं। 
अपनी रोशनी की बुलन्दी पर इतना ना इतराओ,
चिराग सभी बुझते हैं, आँधियाँ किसी की नहीं होती।
चिराग जलाना तो पुरानी रस्में हैं, ‘गालिब’,
अब तो तेरे शहर के लोग, इंसान जला देते हैं।
दियों से अगर अँधेरा दूर होता तो चांदनी की चाहत क्यूँ होती
कट सकती अगर ये ज़िन्दगी अखेले तो दोस्त नाम की चीज़ ही क्यूँ होती।

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